सुशासन तिहार बना न्याय का मंच: जिंदा व्यक्ति को मृत बताने के मामले में कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन का बड़ा एक्शन, सरपंच/सचिव पर कार्यवाही का निर्देश,

सुशासन तिहार बना न्याय का मंच: जिंदा व्यक्ति को मृत बताने के मामले में कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन का बड़ा एक्शन, सरपंच/सचिव पर कार्यवाही का निर्देश,
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। सुशासन तिहार के तहत मरवाही विकासखंड के खंता पंचायत अंतर्गत ग्राम सपनी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में प्रशासन का संवेदनशील और जवाबदेह चेहरा देखने को मिला। शिविर के दौरान ग्राम पंचायत मगुरदा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें एक जीवित व्यक्ति को दस्तावेजों में मृत दर्शाकर फौती नामांतरण किए जाने की शिकायत की गई। मामले की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित सरपंच एवं सचिव के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
शिविर में बगड़ी, बंधौरी, बरवासन, भस्कुरा, दर्री, धनपुर, डोंगरिया, गुदुमदेवरी, गुम्माटोला, खंता, कोटखर्रा, लटकोनीखुर्द, महोरा, मझगंवा, मसुरीखार, मेंदुका, पड़खुरी एवं पिपरिया सहित 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन स्वयं मंच से आवेदकों के नाम पुकारकर उनकी शिकायतों की स्थिति की जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान ग्राम पंचायत मगुरदा से संबंधित शिकायत सामने आई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रस्ताव में जीवित व्यक्ति को मृत बताकर फौती नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। मामला सामने आते ही कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्ट कहा कि जनता के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि यदि आवेदक तहसील कार्यालय के आदेश से संतुष्ट नहीं हैं तो वे एसडीएम कार्यालय में अपील कर सकते हैं और उन्हें न्यायपूर्ण सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा। साथ ही जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायत मगुरदा, जनपद पंचायत मरवाही में इस प्रकार का प्रस्ताव पारित करने वाले संबंधित सरपंच और सचिव के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की। लोगों का कहना था कि सुशासन तिहार वास्तव में आम जनता को न्याय दिलाने का मंच बनता जा रहा है, जहां अधिकारी सीधे जनता की समस्याएं सुनकर त्वरित निर्णय ले रहे हैं।
सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन न केवल योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचा रहा है, बल्कि शिकायतों के निराकरण में भी गंभीरता दिखा रहा है। मरवाही में सामने आए इस मामले पर कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि शासन अब शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
















